जरूरी नहीं है भारत के लिए NSG की सदस्यता: सिन्हा

26 जून

नई दिल्ली। पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने भारत द्वारा परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का सदस्य बनने के लिए किए जा रहे प्रयासों को लेकर कहा है कि इसकी कोई जरूरत नहीं थी और भारत को ‘आवेदक’ के तौर पर इस समूह में शामिल नहीं होना चाहिए। पार्टी में दरकिनार कर दिये जाने के बाद मोदी सरकार की अकसर आलोचना करने वाले भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि भारत को एनएसजी की सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए क्योंकि उसे जो जरूरत थी, पहले ही पा चुका है।

83 वर्षीय यशवंत सिन्हा ने कहा, ‘NSG की सदस्यता पाने में भारत ने जो इतनी उत्सुकता दिखाई, उसकी कोई आवश्यकता नहीं थी। मैं पुरजोर तरीके से यह बात कहता हूं कि भारत को एनएसजी की सदस्यता स्वीकार नहीं करनी चाहिए। हमें वहां आवेदक के तौर पर नहीं जाना चाहिए। हमें जो पाना था, हमें मिल गया।’ दो दिन पहले ही 48 सदस्यीय एनएसजी के पूर्ण सत्र में इसका सदस्य बनने के भारत के प्रयासों को विफलता मिली थी।

सोल में आयोजित पूर्ण सत्र से पहले भारत ने कई देशों के साथ अपना पक्ष रखा और पीएम नरेंद्र मोदी ने कमान संभालते हुए ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात कर इस संबंध में सकारात्मक फैसला करने का आग्रह किया था। चीन भारत जैसे एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों को एनएसजी में शामिल नहीं करने के अपने रख पर कायम रहा। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में विदेश मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार की विदेश नीति के कई पहलुओं और खासतौर पर पाकिस्तान से निपटने के तरीके के खिलाफ अपने विचार रखे हैं।

 

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