जानिए कैसा रहेगा वर्ष 2016
वर्षफल 2016


मेेष राशि - यह वर्ष मेष राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अगस्त तक अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद कार्यो की गति बढ़़ेगी। बुद्धि-विवेक का पूरा लाभ ले सकेगें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। धन की प्राप्ति होगी तथा आय अच्छी रहेगी। नौकरी मिलने के पूर्ण योग हंै। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के पूर्ण योग हैं। अगस्त के बाद से समय मध्यम रहेगा, इसलिए स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। उदर विकार होने की संभावना हंै। खान-पान का ध्यान रखें। शनि की ढ़ैया का प्रभाव अवश्य रहेगा।
उपाय- शनिवार को सरसों के तेल का छायादान, हनुमान जी की अराधना


वृषभ राशि - यह वर्ष वृषभ राशि वालों के लिए मध्यम फलदायी रहेगा। वर्ष का उत्तरार्ध अगस्त के बाद अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, पारिवारिक कलह की स्थिति निर्मित होगी। लड़ाई-झगड़े, विवाद की स्थिति बनेगी। स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। आवागमन बढ़ेगा। स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। स्वास्थय से सम्बंधी समस्या होने की पूर्ण संभावना हैं। अगस्त के बाद से समय अच्छा रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। धन की प्राप्ति होगी तथा आय अच्छी रहेगी। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के योग हैं।
उपाय - गुरूवार को श्री हरि विष्णु जी की अराधना करें।


मिथुन राशि - यह वर्ष मिथुन राशि वालों के लिए उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से कार्यो की गति बढ़़ेगी। पारिवारिक कलह समाप्त होगी। मन को शांति मिलेगी। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति होगी। व्यर्थ धन व्यय होगा। खर्चे बढ़ेगंे। अगस्त के बाद से समय मध्यम रहेगा, इसलिए स्वास्थय के प्रति, लापरवाही न बरतें। स्वास्थय से सम्बंधी समस्या होने की संभावना हैं। पारिवारिक कलह व लड़ाई-झगड़े, विवाद की स्थिति बनेगी। विरोध बढ़ेगा।
उपाय - शनिवार को सरसों के तेल का छायादान करें।


कर्क राशि - यह वर्ष कर्क राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, कार्यो की गति बढ़़ेगी। यह वर्ष धन सम्बंधी मामलों में अति उत्तम रहेगा। पूरे वर्ष धन की प्राप्ति होती रहेगी। बुद्धि-विवेक का पूरा लाभ ले सकेगें। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। नौकरी मिलने के पूर्ण योग हैं। व्यापार के लिए समय अनुुकुल हैं। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के पूर्ण योग हैं।
उपाय - उमंगलवार को हनुमान जी की अराधना व सुंदरकांड का पाठ करें।


सिंह राशि - यह वर्ष सिंह राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। पूर्ण वर्ष शुभ तथा फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। आवागमन बढ़ेगा। जनवरी के बाद से, स्वास्थय से सम्बंधी समस्या होने की संभावना हैं। स्वास्थय का ध्यान रखंे। सिर पर चोट लगने की संभावना हंै। मानसिक तनाव रहेगा। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। नौकरी मिलने के पूर्ण योग हंै। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के पूर्ण योग हैं। शनि की ढ़ैया का प्रभाव अवश्य रहेगा।
उपाय - शनिवार को सरसों के तेल का छायादान करें।


कन्या राशि - यह वर्ष कन्या राशि वालों के लिए मध्यम फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। आवागमन बढ़ेगा। विदेश यात्रा के योग हैं। धार्मिक यात्रा पर जाने जा सकते हैं। धार्मिक कार्यो के लिए व्यय होगा। खर्चे बढ़ेगे तथा व्यय अधिक होगा। लड़ाई-झगड़े, विवाद की स्थिति बनेगी। निद्रा संबंधी समस्या रहेगी। स्वास्थय हानि की संभावना हैं। अगस्त के बाद से, समय अच्छा रहेगा। धन की प्राप्ति होगी। अगस्त के बाद से ही, विवाह के योग हैं। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के योग हैं।
उपाय - गुरूवार को श्री हरि विष्णु जी की अराधना करें।


तुला राशि - यह वर्ष तुला राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अगस्त तक अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद कार्यो की गति बढ़़ेगी। धन व्यय कम होगा। धन की प्राप्ति होगी तथा आय अच्छी रहेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। बुद्धि-विवेक का पूरा लाभ ले सकेगें। नौकरी मिलने के पूर्ण योग हैं। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति होगी। जनवरी के बाद से, स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। उदर विकार होने की संभावना हैं। शनि की उतरती साढ़ेसाती का प्रभाव अवश्य बना रहेगा।
उपाय - दुर्गा जी की अराधना व हनुमान जी की अराधना करें।


वृश्चिक राशि - यह वर्ष वृश्चिक राशि वालों के लिए फलदायी रहेगा। वर्ष का उत्तरार्ध अगस्त के बाद का समय और अधिक फलदायी रहेगा। किंतु जनवरी के बाद से, नौकरी में स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। नयी नौकरी मिलने के योग हंै। आवागमन बढ़ेगा। पिता के स्वास्थय का ध्यान रखें। पिता के स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। पारिवारिक कलह, लड़ाई-झगड़े की स्थिति निर्मित होगी। मानसिक तनाव रहेगा। अगस्त के बाद का समय और अधिक फलदायी रहेगा। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति होगी। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव अवश्य बना रहेगा।
उपाय - शनिवार को सरसों के तेल का छायादान, हनुमान जी की अराधना करें।


धनु राशि - यह वर्ष धनु राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अगस्त तक अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, कार्यो की गति बढ़़ेगी। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति के पूर्ण योग हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव अवश्य रहेगा। स्वास्थय से सम्बंधी समस्या होने की पूर्ण संभावना हैं। इसलिए स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। पैरों में चोट लगने की संभावना बनती हैं। खर्चे बढ़ेगे, व्यय अधिक होगा। विरोधी परेशान कर सकते हैं।
उपाय - शनिवार को सरसों के तेल का छायादान करें।


मकर राशि - यह वर्ष मकर राशि वालों के लिए मध्यम फलदायी रहेगा। वर्ष का उत्तरार्ध अगस्त के बाद का समय अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, स्वास्थय का ध्यान रखें। स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। चोट लगने की संभावना हैं। खर्चे बढ़ेगे। यह वर्ष धन सम्बंधी मामलों में उत्तम रहेगा। धन प्राप्ति होती रहेगी। मेहनत अधिक रहेगी। किंतु पारिवारिक सुख, वाहन सुख बना रहेगा। अगस्त के बाद का समय अनुकुल रहेगा। अगस्त के बाद से ही, विवाह के योग हैं। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे।
उपाय - गुरूवार को श्री हरि विष्णु जी की अराधना करें।


कुंभ राशि - यह वर्ष कुंभ राशि वालों के लिए अति उत्तम रहेगा। वर्ष का पूर्वार्ध अगस्त तक अधिक फलदायी रहेगा। अगस्त तक, धन की आवक बनी रहेगी तथा आय अच्छी होगी। व्यापार के लिए समय अनुुकुल हैं। किंतु व्यापार में सोच विचार करके निर्णय लें। नौकरी मिलने के पूर्ण योग हैं। मेहनत अधिक रहेगी। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे। संतान की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी के स्वास्थय से सम्बंधी समस्या हो सकती हैं। अगस्त के बाद से समय मध्यम रहेगा, इसलिए स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें।
उपाय - दुर्गा जी की पूजन व गणेश जी अराधना करें।


मीन राशि - यह वर्ष मीन राशि वालों के लिए मध्यम फलदायी रहेगा। वर्ष का उत्तरार्ध अगस्त के बाद का समय और अधिक फलदायी रहेगा। जनवरी के बाद से, समस्याओं का समाधान होने लगेगा। जनवरी के बाद से, स्थान परिवर्तन का योग बनेगा। आवागमन बढ़ेगा। धार्मिक यात्रा पर जाने का योग हैं। धार्मिक कार्यो के लिए व्यय होगा। खर्चे बढ़ेगे तथा व्यय अधिक होगा। स्वास्थय के प्रति लापरवाही न बरतें। उदर विकार होने की संभावना हैं। अगस्त के बाद का समय कार्यो की गति बढ़़ेगी। अगस्त के बाद से ही, विवाह के योग हैं। अविवाहित विवाह बंधन में बंधेगे।
उपाय - गुरूवार को श्री हरि विष्णु जी की अराधना करें।


महादेवी करण (ज्योर्तिविद्)
एम. ए. ज्योर्तिविज्ञान
कुण्डली एवं प्रश्नकुण्डली विषेशज्ञ
मोबाइलः 7828178430

Email - Mahaadevi.astrology@gmail.com

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