ब्राह्मणाें ने नरोत्तम, शुक्ल और रमेश के प्रति नहीं दिखाई दरियादिली, समाज अब अनूप के साथ

25 जून

भोपाल। मप्र में इन दिनों सीएम शिवराज सिंह का दलित प्रेम और उससे उपजा ब्राह्मण विरोध सुर्खियों में है। यह पहली दफा है जब ब्राह्मण समाज मप्र सरकार की गलत नीतियों के लिए आंदोलित हो उठा है। हालांकि दूसरी तरफ ये बात भी सच है कि शिवराज सिंह से लाभान्वित होने वाले मप्र शासन के कई ब्राह्मण नेता डैमेज कंट्रोल में लगे हुए हैं, लेकिन उन नेताओं को ब्राह्मण समाज ने दरकिनार कर दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि भाजपा में सिर्फ नरोत्तम मिश्रा, राजेन्द्र शुक्ला या रमेश शर्मा ही ब्राह्मण नेता नहीं हैं, और भी ब्राह्मण नेता हैं जो समाज के साथ हैं और समाज भी उनके साथ हर कदम ताल मिलाने तैयार है।

विदिशा जिले के सिरोंज में होने जा रहा सम्मेलन शायद यही संदेश देने वाला है। व्यापमं घोटाले में राजनीति का शिकार हुए भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। 26 जून को उनके समर्थक ब्राह्मण सम्मेलन और स्नेह भोज का आयोजन कर रहे हैं। इस सम्मेलन में सांसद अनूप मिश्रा समेत भाजपा से जुड़े कई दिग्गज ब्राह्मण नेताओं को न्यौता दिया गया है। सिरोंज विधानसभा क्षेत्र का चार बार प्रतिनिधित्व करने वाले लक्ष्मीकांत शर्मा को पहले विधानसभा चुनाव हरवाया गया और फिर व्यापमं घोटाले में जेल भेजा गया। वो पूरी तरह से राजनीति का शिकार हुए परंतु शांत रहे। बगावत नहीं की। करीब तीन महीने पहले जेल से बाहर आए लक्ष्मीकांत शर्मा सरकार के ब्राह्मण विरोधी रुख के बाद फिर से सक्रिय हो गए हैं।

सिरोंज में ब्राह्मण सभा के चुनाव हाल ही में सम्पन्न हुए हैं। इस नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण और स्नेह भोज होना है। इसके लिए सिरोंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के करीब दो हजार से अधिक ब्राह्मणों को न्यौता दिया गया है। सिंरोज के मंगल भवन में होने वाले कार्यक्रम में भाजपा सांसद और पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा मुख्य अतिथि होंगे। अब देखना यह है कि समाज के इस सम्मेलन में समाज की बात होती है या राजनैतिक हितों के लिए सम्मेलन का उपयोग हो जाएगा। लेकिन यह बात सच है कि इस सम्मेलन में अगर ब्राह्मण हित की बात नही हुई तो ब्राह्मण समाज भाजपा में जुडे नेताओं को बैकफुट पर लाकर भाजपा का विरोध कर देगा ।

 

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